कानपुर में इस बार होली का जश्न कुछ अलग ही अंदाज में मनाया गया। 22 मार्च, 2025 को शहर ने होली मिलन समारोह और एक भव्य हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें स्थानिय कलाकारों, कवियों और समुदाय के प्रमुख सदस्यों ने भाग लिया। इस आयोजन ने न केवल रंगों के त्योहार को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया बल्कि लोगों के दिलों में भी मस्ती और खुशी भर दी।
होली मिलन समारोह के अंतर्गत पारंपरिक होली रीतियाँ जैसे होलिका दहन और रंगों का आदान-प्रदान किया गया। इस दौरान संगीत, नृत्य और गीत-संगीत की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यार्थी, शिक्षक और शहर के गणमान्य व्यक्ति इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया और सभी ने एक-दूसरे के साथ त्योहार की खुशियाँ साझा की।
समारोह की सबसे खास बात थी हास्य कवि सम्मेलन, जहाँ क्षेत्रीय कवियों ने अपनी बेहतरीन काव्य रचनाएँ प्रस्तुत कीं। कविता पाठ में समकालीन सामाजिक मुद्दों पर व्यंग्यात्मक टिप्पणियाँ भी सुनाई दीं, जिसने श्रोताओं के बीच ठहाकों की गूँज भर दी। इन कविताओं ने कानपुर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया।
इस आयोजन का उद्यम स्थानीय सांस्कृतिक समूहों और शैक्षणिक संस्थानों ने मिलकर किया था। आयोजन का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच एकता और खुशी को बढ़ावा देना था। यह अनूठा आयोजन कानपुर के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक नई पहचान बनाकर उभरा और यह निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में भी लोगों के दिलों में बसेगा।
तेज़ी से टिप्पणी करना