पंचांग — आज की तिथि, नक्षत्र और शुभ-मुहूर्त सरल भाषा में

क्या आप शादी, यात्रा या किसी अनुष्ठान का सही समय तय करना चाहते हैं? पंचांग से आप तेज़ी से बता सकते हैं कि कौन-सा समय उपयुक्त है और कब बचना चाहिए। यहाँ आसान तरीके से बताया गया है कि पंचांग क्या दिखाता है और रोज़मर्रा में आप इसे कैसे इस्तेमाल करें।

पंचांग में क्या-क्या होता है

पंचांग में सामान्यत: तिथि, वार (दिन), नक्षत्र, योग और करण होते हैं। इसके साथ सूर्योदय-सूर्यास्त और राहु-काल जैसे समय भी दिए जाते हैं। तिथि से पूजा और व्रत का दिन पता चलता है, नक्षत्र से जन्म और यात्रा के लिए अनुकूलता, और शुभ-मुहूर्त से बड़े निर्णयों का सही समय चुनते हैं।

सरल नियम: अगर कोई काम शुभ-मुहूर्त पर नहीं हो सकता तो राहु-काल और सूर्यास्त के बाद के समय पर काम न करें। छोटे घरेलू काम (जैसे घर की सफाई, छोटी खरीदारी) के लिए चंद्रमा की हल्की स्थिति भी ठीक रहती है।

रोज़ाना पंचांग कैसे पढ़ें — 3 आसान कदम

1) सबसे पहले तिथि और वार देखें — पूजा, व्रत या धर्म-related कार्यक्रम के लिए यह बेसिक है।

2) नक्षत्र और योग देखें — यात्रा, बैठकों या सर्जरी जैसे संवेदनशील कामों के लिए नक्षत्र की अनुकूलता जरूरी है।

3) राहु-काल और मुहूर्त चेक करें — शादी, नया व्यापार शुरू करने या जमीन/घर खरीदने जैसे फैसलों में शुभ मुहूर्त देखें।

उदाहरण: अगर आपके पास शादी तय करनी है तो तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त तीनों मिलकर निर्णय लेने चाहिए। सिर्फ एक फैक्टर पर निर्भर मत होइए।

छोटा टिप: अगर आपके पास समय कम है तो पहले राहु-काल और सूर्यास्त का ध्यान रखें। इनसे तुरंत पता चल जाता है कि दिन का कौन-सा हिस्सा पूरी तरह अनुपयुक्त है।

क्या हर पंचांग स्रोत एक जैसा होता है? नहीं। कुछ स्रोत आयुर्वेदिक, कुछ आधुनिक तारख़ों पर आधारित होते हैं। इसलिए शहर/स्थल के हिसाब से स्थानीय पंचांग देखें—समय और सूर्योदय अलग हो सकता है।

हमारी साइट "कला समाचार" पर आपको पंचांग के साथ जुड़े लेख और ताज़ा अपडेट मिलते हैं। उदाहरण के लिए हमारे पेट पर उपलब्ध लेख "20 मार्च 2025 का प्रेम राशिफल" जैसी पोस्ट में रिश्तों से जुड़ी दिनचर्या और सुझाव दिए गए हैं। त्यौहारों और खास दिनों के संदर्भ में हमारी कवरेज आपको सही समय और आयोजन-planning में मदद करेगी।

अंत में एक व्यवहारिक सलाह: बड़े फैसलों के लिए हमेशा दो स्रोत क्रॉस-चेक करें। अगर किसी मुहूर्त में विरोध दिखे तो वैकल्पिक दिन तय कर लें। और याद रखें, पंचांग दिशा देता है लेकिन निजी परिस्थिति और समझ भी जरूरी है।

अगर आप चाहते हैं, हम रोज़ का पंचांग और अगले हफ्ते के प्रमुख मुहूर्त यहाँ नियमित रूप से अपडेट कर सकते हैं। नीचे दिए गए टैग के पोस्ट देखें और किसी खास तिथि के बारे में जानना हो तो टिप्पणी में बताइए।

आज का पंचांग: 6 जुलाई 2024, गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ और शुभ-अशुभ मुहूर्त

6 जुलाई 2024 का पंचांग गुप्त नवरात्रि के प्रारंभ को दर्शाता है, जो दुर्गा मां के भक्तों के लिए महत्त्वपूर्ण है। पंचांग में तिथि, नक्षत्र, राहु काल, और हिंदू मास सहित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। शुभ मुहूर्त में अभिजीत शामिल है, जबकि अशुभ मुहूर्त में दुश्ट मुहूर्त, कुलिक, कंतक, राहु काल, कालवेला, यमघंट, और यमगंडा शामिल हैं। गुप्त नवरात्रि के अनुष्ठानों और महत्ता पर भी चर्चा की जाती है।

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