जगन्नाथ रथ यात्रा पुरी का सबसे बड़ा जन-त्योहार है। क्या आप पहली बार जा रहे हैं या प्लान बना रहे हैं — यहाँ सीधे और practical बातें मिलेंगी। रथयात्रा आमतौर पर हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ मास की द्वितीय तिथि को आती है, जो जून-जुलाई में पड़ती है। तीन लकड़ी के रथ में श्री जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को बाहर निकाला जाता है और भारी भीड़ के बीच भक्त उन्हें गाड़ियाँ खींचकर जगत तक लाते हैं।
यह यात्रा भगवान को जन-समुदाय तक लाने का प्रतीक है। मंदिर के अंदर सीमित लोगों के दर्शन होते हैं; रथयात्रा में हर वर्ग के लोग नंगी आँखों से प्रमुख देवताओं को देख पाते हैं। प्रमुख अनुष्ठान: स्नानयात्रा (Snana Yatra) जिसमें मूर्तियों को स्नान कराया जाता है, रथयात्रा का दिन जब रथों को खींचा जाता है, और बहुड़ा (वापसी) जब रथ वापस मंदिर में जाते हैं। साथ ही Hera Panchami और Suna Besha जैसे लोक-रिवाज़ भी होते हैं।
कभी-कभी भीड़ बहुत तेज़ और घनी हो जाती है। इसलिए पहले बुकिंग कर लें — होटल, ट्रेन या बस की टिकट पहले से लेना बेहतर है। सुबह जल्दी पहुंचने की कोशिश करें; शाम के समय सुरक्षा व्यवस्थाएँ कड़ी होती हैं और भीड़ बढ़ जाती है। हल्के, आरामदायक कपड़े पहनें और पैरों के लिए मजबूत जूते लें।
पानी की बोतल साथ रखें और खाने के छोटे पैकेट। भीड़ में आपका बैग खोलकर रखकर चलना सुरक्षित नहीं है; जरूरी दस्तावेज और फोन जिप-लॉक में रखें। भीड़ से बचने के लिए मुख्य मार्गों के किनारों पर या ऊँचे स्थानों से देखना सुविधाजनक रहता है।
फोटोग्राफी के नियमों का सम्मान करें। मंदिर के कुछ हिस्सों में तस्वीरें मान्य नहीं होतीं और धार्मिक भावनाओं का आदर ज़रूरी है। पंडालों और सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक कचरा न फैलाएँ — स्थानीय व्यवस्थाएँ अक्सर सख्त होती हैं।
अगर आप बुजुर्ग या बच्चों के साथ हैं तो पहले से मिलकर क्रैश प्लान रखें: मिलने का स्थान और समय तय कर लें। मेडिकल इमरजेंसी के लिए नज़दीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस चौकी की जानकारी नोट कर लें।
लोकल ट्रांसपोर्ट के लिए ऑटो और टैक्सी पहले ही बुक कर लें, खासकर वापसी के समय में। वैकल्पिक रूप से, रथयात्रा के लाइव प्रसारण और सरकारी चैनलों पर कवरेज देख कर भी आप त्योहार का आनंद घर बैठे ले सकते हैं।
आखिर में, श्रद्धा के साथ धैर्य रखें। रथयात्रा विशाल भीड़ वाली होती है लेकिन अनुभव बहुत ही खास है — संगीत, भजन, स्नेह और सामूहिक उल्लास का मेल मिलता है। छोटी-छोटी तैयारियाँ आपको सुरक्षित और यादगार यात्रा देंगी।
अगर आप पुरी पहले नहीं गए हैं तो मंदिर परिसर के आसपास के छोटे-मोटे नियम स्थानीय लोगों से पूछ लें। एक-एक बात का पालन करने से यात्रा सुगम रहती है और आप रथयात्रा का असली आनंद उठा पाएंगे। शुभ यात्रा!
पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है, जिसमें हज़ारों भक्तों ने भारी रथों को गुंडिचा मंदिर की ओर खींचा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, ओडिशा के राज्यपाल रघुबर दास, मुख्यमंत्री मोहन चरण माजही और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी रथ खींचने की रस्म में हिस्सा लिया। इस वर्ष रथ यात्रा का आयोजन अति महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठानों के साथ दो दिन तक चलेगा।