आपदा अचानक आती है। 28 जुलाई 2025 का भारी बारिश अलर्ट, बिहार की घातक हीटवेव या लॉस एंजिल्स की जंगल आग — इन घटनाओं ने दिखाया कि तैयार रहने से कितनी ज़िन्दगियाँ बच सकती हैं। यहाँ आपदा टैग पर उन खबरों के साथ सरल, काम आने वाली सलाह भी मिलेंगी ताकि आप और आपका परिवार सुरक्षित रह सके।
हमारी रिपोर्ट्स सीधे घटनास्थल, मौसम चेतावनी और संबंधित सरकारी सूचनाओं पर आधारित होती हैं। उदाहरण के लिए: दिल्ली-यूपी-बिहार-राजस्थान के लिए जारी भारी बारिश अलर्ट, लॉस एंजिल्स की आग में हजारों लोग बेघर हुए और कम से कम 5 मौतें दर्ज हुईं — ये तथ्य रिपोर्ट्स में मिलेंगे। खबरें पढ़ते समय यह देखें कि क्या एमरजेंसी अलर्ट, मार्ग बंद होने की सूचना या बाढ़/एवैक्यूएशन का आदेश दिया गया है। ऐसे अपडेट तुरंत कार्रवाई का संकेत होते हैं।
आपदा के समय बड़ा काम वही होता है जो तुरंत और सही तरीके से किया जाए। यहाँ कुछ सरल कदम दिए हैं:
1) तुरंत अलर्ट सुनें और मान्य सोर्स देखें — सरकारी नोटिफिकेशन, मौसम विभाग या स्थानीय प्रशासन की घोषणा।
2) सुरक्षित स्थान पर जाएँ — बाढ़ में ऊँची जगह, आग में बाहर खुले स्थान, हीटवेव में ठंडी जगह।
3) आसपास के कमजोर लोगों की मदद करें — बुजुर्ग, बच्चे और विकलांग अक्सर सबसे ज़्यादा प्रभावित होते हैं।
4) जरूरी दस्तावेज और दवाइयां एक वाटरप्रूफ बैग में रखें और मोबाइल को चार्ज रखें।
5) आपातकालीन नंबर याद रखें: भारत में 112 और स्थानीय नगर निगम/आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन। जरूरत पड़ने पर NDRF या राज्य राहत दल से संपर्क करें।
हर आपदा अलग होती है, पर ये बुनियादी कदम आपको और आपके घरवालों को शुरुआती घंटों में सुरक्षित रखने में मदद करेंगे।
क्या आप बचाव किट तैयार करना चाहते हैं? इसमें बुनियादी दवाइयां, पानी (कम से कम 3 दिन का), गैर-नाश्ट होने वाला खाना, टॉर्च, रैडियो (बॅटरी), पावर बैंक और प्राथमिक चिकित्सा किट शामिल रखें। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए अतिरिक्त सामग्री रखें।
समाचार पढ़ते समय पहल करने का तरीका भी जानिए: रास्ते बंद हैं तो वैकल्पिक मार्ग खोजें, बिजली कटने की सूचना हो तो गैस कट करें और इलेक्ट्रिक उपकरण बंद रखें। पानी भारी पड़ने पर बिजली उपकरणों से दूरी बनाएँ।
हमारी साइट पर आपदा टैग पर न केवल खबरें बल्कि बचाव के निर्देश, स्थानीय राहत केंद्रों की जानकारी और प्रशासन के निर्देश भी पाएँगे। खबरों को शेयर कर के अपने परिजनों को अलर्ट रखें और अफवाहों से बचें — सत्यापित स्रोतों पर ही भरोसा करें।
अगर आपके इलाके में हाल की कोई घटना हुई है और आप चाहें तो हमारी टीम को रिपोर्ट भेजें — तस्वीरें, जानकारी और स्थान से हम अपडेट दे सकते हैं। आपदा में सूचनाएँ तेज़ और सही होनी चाहिए, तभी असरदार बचाव संभव है।
पापुआ न्यू गिनी के एंगा प्रांत में पहाड़ी गांव में भूस्खलन से 2,000 से अधिक लोग दब गए हैं। इस घटना में घरों, खाद्यान्न उद्यानों और आर्थिक संरचना को भारी क्षति पहुंची है। ग्रामीण और बचाव दल संकट में हैं। बचाव कार्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहायता मांगी गई है।