THAAD एक मोबाइल मिसाइल-रक्षा सिस्टम है जिसे अमेरिका की कंपनी Lockheed Martin ने विकसित किया। नाम का मतलब है "Terminal High Altitude Area Defense" — यानी यह फिनल फेस में उड़ती बैलिस्टिक मिसाइलों को ऊँची हवा में रोकने के लिए बनाया गया है। सुनने में सिनेमा जैसा लगता है, पर यह असल में मिसाइलों को टकराकर नष्ट करने की आधुनिक तकनीक इस्तेमाल करता है।
सरल शब्दों में THAAD चार हिस्सों का समूह है: तेज़ ट्रैकिंग रडार (AN/TPY-2), लॉन्चर जिसमें कई इंटरसेप्टर मिसाइलें रहती हैं, कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम और सपोर्ट व्हीकल। ये सभी मोबाइल हैं, इसलिए जरूरी जगह पर जल्दी तैनात किए जा सकते हैं। लक्ष्य छोटे या मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को उनके अंतिम चरण में हीरो-टू-किल (hit-to-kill) तरीके से रोकना है — यानी विस्फोटक नहीं, बल्कि सीधे टकराकर लक्ष्य को नष्ट करना।
सबसे पहले रडार लक्ष्य को खोजता और ट्रैक करता है। फिर कमांड सेंटर इंटरसेप्टर लॉन्च होने का आदेश देता है। इंटरसेप्टर मिसाइल तेज़ी से उड़ती है और रडार-निर्धारित ट्रैक पर जाकर लक्ष्य से टकरा कर उसे नष्ट कर देती है। यह प्रणाली ऊँचाई पर इंटरसेप्ट कर सकती है, इसलिए यह जमीन के ऊपर उड़ते हुए हिस्से में भी काम कर सकती है — इससे शहरी इलाकों की रक्षा का अलग आयाम बनता है।
क्या यह हर मिसाइल रोक सकता है? नहीं। THAAD मुख्य रूप से शॉर्ट और मिड-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों के टर्मिनल चरण के खिलाफ प्रभावी है। इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBMs) को रोकना इसकी प्राथमिक भूमिका नहीं है। अक्सर इसे Patriot या Aegis जैसी प्रणालियों के साथ जोड़ा जाता है ताकि अलग-अलग ऊँचाइयों और चरणों में रक्षा हो सके।
कहाँ तैनात हुआ है और क्यों चर्चा में रहा? जाहिर बात है, सुरक्षा के लिहाज़ से प्रभावी होने पर भी THAAD राजनीतिक और क्षेत्रीय विवादों का कारण बनता रहा है। सबसे चर्चित तैनाती दक्षिण कोरिया (2017) और गुआम (अमेरिकी प्रशासित क्षेत्र) रही है। इन तैनातियों के बाद चीन और रूस ने आपत्ति जताई, स्थानीय स्तर पर और भी विरोध हुए — खासकर रडार के कवरेज को लेकर।
यदि आप समाचार में THAAD पढ़ते हैं तो किन बातों पर ध्यान दें: तैनाती की आधिकारिक सूचना, रडार की दिशा या कवरेज, टेस्ट रिपोर्ट या ड्रिल के नतीजे, और इलाके के देशनों की राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ। परीक्षणों या नई खरीद की खबरें अक्सर रक्षा-नीति और पड़ोसी देशों के रिश्तों पर असर दिखाती हैं।
थोड़ा टेक-टिप: जब अधिकारी कोई टेस्ट रिपोर्ट जारी करते हैं तो वे इंटरसेप्ट की सफलता दर, रडार रेंज और लॉन्च डिस्टेंस का जिक्र करते हैं। ये आँकड़े बताते हैं कि सिस्टम किस प्रकार की धमकियों के खिलाफ तैयार है।
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अमेरिका इज़राइल को एक उन्नत एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली THAAD भेजने पर विचार कर रहा है ताकि ईरान के संभावित हमलों से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ईरान द्वारा हाल में इज़राइल पर किए गए अभूतपूर्व मिसाइल हमलों के जवाब में यह कदम उठाया जा रहा है। यह प्रणाली ऑपरेट करने के लिए अमेरिकी सैनिकों की भी आवश्यकता होगी, जिससे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य संलिप्तता में वृद्धि होगी।