जिका वायरस — क्या है और आपको क्यों सावधान रहना चाहिए

जिका वायरस मच्छर के काटने से फैलने वाला एक वायरस है, लेकिन हर संक्रमण गंभीर नहीं होता। अकसर लोग हल्का बुखार, दाने या सिरदर्द के साथ ही ठीक हो जाते हैं। फिर भी खास बात ये है कि गर्भवती महिलाओं में जिका भ्रूण पर असर कर सकता है, जिससे जन्म के बाद बच्चों में मस्तिष्क विकास प्रभावित हो सकता है। इसीलिए सतर्क रहना जरूरी है।

लक्षण और संक्रमण का तरीका

जिका का incubation समय आमतौर पर 3-14 दिन होता है। ज्यादातर लोग या तो बिना लक्षण के रहते हैं या हल्के लक्षण दिखते हैं— बुखार, त्वचा पर लाल दाने (रैश), आँखों में लालापन (कंजंक्टिवाइटिस), जोड़ों में दर्द और सिरदर्द। ध्यान रखें: कई लोग बिना लक्षणों के भी वायरस फैला सकते हैं।

मुख्य संक्रमण का रास्ता Aedes किस्म के मच्छर (खासकर Aedes aegypti) का काटना है। इसके अलावा जिका यौन संपर्क के जरिए भी फैल सकता है और खून के माध्यम से संक्रमण का खतरा कम होता हुआ भी पाया गया है। गर्भवती महिला से भ्रूण में ट्रांसफर होना सबसे चिंतित करने वाली बात है।

रोकथाम — आसान और असरदार कदम

रोकथाम में रोज़मर्रा की आदतों में थोड़े बदलाव बहुत असर डालते हैं: • standing पानी हटाएँ — फूलदान, टायर, बाल्टी, गमले के हिस्से जहाँ पानी ठहरता है, उन्हें खाली रखें। • मच्छरदानी और खिड़की-दरवाज़ों पर जाले रखें। • बाहर जाते समय मच्छर-रोधी क्रीम/स्प्रे लगाएँ (DEET या Picaridin वाले उत्पाद) और ढीले कपड़े पहनें। • गर्भवती महिलाएँ संक्रमित इलाकों की यात्रा टालें। अगर जाना ज़रूरी हो तो डॉक्टर से सलाह लें। • यौन संपर्क में कंडोम का इस्तेमाल करें या कुछ समय के लिए संबंध टालें अगर कोई साथी हाल ही में संक्रमित था।

जिका का कोई विशेष इलाज या व्यापक वैक्सीन हर जगह उपलब्ध नहीं है; इसलिए प्राथमिक बचाव ही सबसे भरोसेमंद तरीका है।

अगर आपको संदेह हो— बुखार, रैश या जोड़ों में तेज दर्द हो और हाल ही में मच्छर के काटने या किसी प्रभावित क्षेत्र की यात्रा की हो — तो डॉक्टर से संपर्क करें। परीक्षण में रक्त या मूत्र से वायरस का पता लगाया जा सकता है। गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड से भ्रूण की निगरानी करनी चाहिए और डॉक्टर को हालिया जोखिम बताना चाहिए।

स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी भी आउटब्रेक की सूचना देते हैं और मच्छर नियंत्रण के अभियान चलाते हैं। अगर आपके इलाके में चेतावनी जारी हो, तो सलाह मानें और समुदाय स्तर पर सहयोग करें। छोटी-छोटी आदतें मिलकर बड़े खतरों को रोक सकती हैं।

पुणे में जिका वायरस के छह मामले दर्ज: दो गर्भवती महिलाएं संक्रमित

पुणे, महाराष्ट्र में जिका वायरस के छह मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से दो गर्भवती महिलाएं हैं। शहरी नगरीय सीमा के बोपोदी और खड़की क्षेत्र में ये संक्रमण पाए गए हैं। पुणे नगर निगम (PMC) द्वारा रोकथाम के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिनमें फॉगिंग और कीटनाशकों का छिड़काव शामिल है। नगरपालिका आयुक्त विक्रम कुमार ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।

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