गेंदबाजी मैच जीतने का सीधा रास्ता बन सकती है अगर आप सही तकनीक और रणनीति अपनाएं। तेज हो या स्पिन, छोटी गलतियां भी बड़े मौके खोवा देती हैं। यहां सीधे और practical तरीके दिए हैं जिन्हें हर गेंदबाज मैदान पर तुरंत आजमा सकता है।
तेज़ गेंदबाजी में फिटनेस और सहायता तकनीक दोनों जरूरी हैं। रन-अप में संतुलन बनाए रखें — तेज़ लेकिन नियंत्रित। लक्ष्य रखें: हमेशा एक स्थान पर यॉर्कर, बॉक्सर या लेंथ डालने की आदत डालें।
ड्रिल्स: क्विक पाँव मॉशन (30 सेकंड स्प्रिंट + 30 सेकंड रिकवरी) और मेट्रोनोम के साथ रन-अप ताल मिलाकर चलें। यॉर्कर के लिए मार्कर रखें — नियमित रूप से एख छोटे निशाने पर 20-30 गेंदें मारें। स्लोअर गेंद और कटर्स की पकड़ के लिए ग्रिप बदलें और अलग-अलग उँगलियों से गेंद छोड़ना सीखें।
बॉलिंग लाइन पर ध्यान दें: सीमर की जीत लाइन से आती है — स्टंप्स के पास लेंथ और कान पर शॉट रोकने वाली लाइन रखें। हवा और पिच पढ़ना सीखें; शमी जैसे गेंदबाज हवा और स्विंग दोनों से विपक्षी की शुरुआत को तोड़ देते हैं — आप भी पिच रिपोर्ट और मौसम पर ध्यान दें।
स्पिनर्स के लिए सबसे बड़ा हथियार है बाउंस और बदलती लेंथ। पहली गेंद पर कटर या फ्लाइट डालकर बल्लेबाज़ का संतुलन बिगाड़ें। ग्रिप और उँगलियों की ताकत पर काम करें — छह-आठ मिनट रोज़ाना फिंगर स्ट्रेंथ एक्सरसाइज करें।
फ्लाइट और रोटेशन: धीमी गेंद में रोटेशन ज्यादा रखें ताकि गेंद ट्रैक पर घुसे और विकेट के पास हिली। लेग स्पिनर को स्क्वायर ड्राइव के लिए बाहरी लाइन और ऑफ स्पिनर को खरीबी लेंथ पर ध्यान देना चाहिए। फील्ड सेटिंग बदलना न भूलें — स्पिनर के लिए छोटे फील्ड और फाइन लेग जैसे विकल्प जरूरी हैं।
मैच रे़डिंग: बल्लेबाज़ की रन बनवाने की आदतें और कमजोरियां तुरंत नोट करें। क्या वह बॉल ऑफ स्टंप्स से बाहर खेलने पर असहज दिखता है? तब आप अंदरूनी लाइन बनायें। क्या खिलाड़ी यॉर्कर खेलता नहीं? आखिरी ओवर में यॉर्कर या स्लोअर गेंद से उलझाएं।
मानसिक तैयारी: हर गेंद पर लक्ष्य तय करें — 'स्टम्प्स पर लेंथ', 'बाउंसर से दबाव' या 'स्लोअर से रन रोकना'। हार्ड कप्तानी के साथ संवाद रखें, फील्डिंग में कामों का निर्धारण साफ रखें।
उपकरण और रिकवरी: सही जूते, आरामदेह कपड़े और बॉलिंग बैंडेज जरूरी हैं। मैच के बाद स्ट्रेचिंग और फोम रोलिंग अपनाएं ताकि शोल्डर और हैमस्ट्रिंग्स तेज रहें।
रोज़ाना रूटीन: 20-30 मिनट लक्षित ड्रिल, 30 मिनट फिटनेस और 15 मिनट गेंद-हैंडलिंग। छोटे लक्ष्य तय करें — "आज 10 में से 6 यॉर्कर" — और उसे रिकॉर्ड करें। सुधार तभी नजर आता है जब आप मापते और रिपीट करते हैं।
गेंदबाजी में सबको एक ही मंत्र काम आता है: सरल, नियमित अभ्यास और मैच समझ। आप मैदान पर वही करेंगे जो रोज़ आप प्रैक्टिस में करते हैं। छोटे-छोटे सुधार बड़ा फर्क करते हैं।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने जसप्रीत बुमराह की प्रशंसा की और उन्हें 'बिन कमजोरी के गेंदबाज' कहा है। बुमराह की शानदार प्रदर्शन और उनकी लम्बे समय के बाद मैदान में वापसी के बाद मांजरेकर ने उनकी विशेषताओं को सराहा है। बुमराह की बेहतरीन फॉर्म को देखते हुए, वह आगामी टेस्ट मैचों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।