क्या आपने कभी देखा होगा कि अचानक किसी शेयर में अचानक बड़ा ट्रेड और कीमत में बदलाव आ जाए? अक्सर इसका कारण "ब्लॉक डील" होता है। ब्लॉक डील बड़े निवेशक, फंड या संस्थागत खरीद-फरोख्त के लिए एक्सचेंज में अलग विंडो के जरिए किया जाने वाला लेन-देन होता है। इससे शेयर के लिक्विडिटी और कीमत पर तेज असर पड़ सकता है।
यह जानना जरूरी है कि ब्लॉक डील सामान्य रोज़मर्रा के छोटे ट्रेड नहीं होते। ये बड़े पैमाने पर होते हैं और कई बार सिर्फ संस्थागत निवेशकों के बीच होते हैं — जैसे म्युचुअल फंड, विदेशी संस्थान या प्रमोटर-सम्बंधित बिकवाली। इसलिए रिटेल निवेशक के लिए इनके निहितार्थ समझना फायदेमंद रहता है।
ब्लॉक डील की जानकारी चेक करना आसान है। सबसे तेज़ तरीका है एक्सचेंज की आधिकारिक रिपोर्ट देखना — NSE और BSE दोनों पर "Block Deal" सेक्शन रहता है। साथ ही प्रमुख फाइनेंशियल न्यूज़ पोर्टल, ब्रोकिंग प्लेटफ़ॉर्म और मोबाइल ऐप्स पर भी रीयल-टाइम अपडेट मिलते हैं।
ध्यान देने वाली बातें:
ब्लॉक डील देखकर तुरन्त फैसला न लें। सवाल पूछिए: क्या यह सूचित बिकवाली है (promoter sell), या किसी फंड का रिबैलेंस? क्या कंपनी से जुड़ी खबर है? केवल ब्लॉक डील की वजह से हो रहे उतार-चढ़ाव में फंसने की बजाय थोड़ी जांच कीजिए।
व्यवहारिक कदम:
ब्लॉक डील्स अक्सर मौके भी बनती हैं—कभी-कभी बड़ी खरीद से शेयर ऊपर जाते हैं और छोटी अवधि में ट्रेडिंग अवसर मिलते हैं। पर याद रखें, हर बड़ा मूविंमेंट सही संकेत नहीं देता। सही जानकारी, त्वरित रिपोर्ट चेक और संयमित निर्णय आपको नुकसान से बचाते हैं।
अगर आप ताज़ा ब्लॉक डील अपडेट चाहते हैं तो NSE/BSE की साइट, अपने ब्रोकिंग ऐप और भरोसेमंद न्यूज पोर्टल्स को फॉलो करें। इसी तरह का सरल और तेज़ विश्लेषण आपको बेहतर निवेश निर्णय लेने में मदद करेगा।
IRB Infrastructure Developers के शेयरों में 13% की गिरावट आई है, जो ₹2,033 करोड़ के ब्लॉक डील का परिणाम है। इस डील में कंपनी के लगभग 32.85 करोड़ शेयरों का हस्तांतरण हुआ, जो कंपनी के 5.4% हिस्सेदारी के बराबर है। हालांकि, साल की शुरुआत से कंपनी के शेयरों में लगभग 58% की बढ़ोतरी हुई है।