ट्रेन रद्द होना अचानक होता है और यात्रा की योजनाएँ पलट देता है। यहाँ सीधे और उपयोगी तरीके बताए हैं ताकि आप समय बर्बाद न करें और आगे का प्लान जल्दी बना सकें। हर बात सरल रखें — PNR संभालकर रखें, स्क्रीनशॉट लें और सही स्रोत से जानकारी चेक करें।
सबसे तेज तरीका है IRCTC या NTES ऐप खोलना। PNR डालकर ट्रेन स्टेटस और रद्द होने की सूचना मिल जाएगी। SMS अलर्ट और ईमेल भी अक्सर ऑटोमैटिक आते हैं—IRCTC अकाउंट में नोटिफिकेशन चेक करें। फोन पर रेलवे एन्क्वायरी 139 पर कॉल करके भी फाइनल स्टेटस मिल जाता है। स्टेशन पर पहुंचकर डिस्प्ले बोर्ड और टिकट काउंटर से कार्यवाही की जानकारी लें, खासकर जब आप स्टेशन पर मौजूद हों।
समाचार और मौसम-आधारित रद्दियों के लिए लोकल न्यूज़ भी उपयोगी होते हैं — तेज़ बाढ़, धड़कती लाइनें या तकनीकी परेशानियों की वजह से लोकल अपडेट मिलते हैं। यह टैग (रद्द ट्रेनें) उन खबरों का संग्रह है जो रद्दी की वजह और प्रभावित रूट दिखाते हैं।
1) पहले अपना PNR और टिकट की कॉपी संभालें—स्क्रीनशॉट लें। 2) IRCTC वेबसाइट/ऐप में जाकर refund/alternate journey ऑप्शन देखें। ई‑टिकट के मामले में ज्यादातर मामलों में रिफंड ऑटोमैटिक होता है; काउंटर टिकट के लिए स्टेशन काउंटर पर आवेदन करना पड़ता है। 3) तुरंत योजना बदलें: नज़दीकी अगली उपलब्ध ट्रेन, पड़ोसी स्टेशनों से वैकल्पिक ट्रेन या दूरियों पर बस/फ्लाइट चेक करें।
यदि यात्रा तुरंत जरूरी है तो Tatkal टिकट, बस या कैब विकल्प देखें। बड़े शहरों में शेयर टैक्सी और रैपिड बस सेवा फास्ट विकल्प होते हैं। अचानक रद्दी में ठहरने की स्थिति हो तो स्टेशन पर सरकारी हेल्प डेस्क या आरक्षण काउंटर से अस्थायी व्यवस्था के बारे में पूछें।
रिफंड कब मिलेगा? आम तौर पर ई‑टिकट रिफंड बैंक में वापस ट्रांज़ैक्शन के अनुसार कुछ दिनों में क्रेडिट हो जाता है; अगर देरी हो तो IRCTC हेल्पलाइन और बैंक स्टेटस चेक करें। विवाद होने पर 139 पर शिकायत दर्ज कराएँ और टिकट काउंटर का रसीद नोट रखें।
छोटी सलाहें जो काम आएँगी: 1) यात्रा से पहले 6–12 घंटे में ट्रेन स्टेटस चेक करें। 2) महत्वपूर्ण यात्रा पर बैक‑अप प्लान रखें। 3) रद्द होने पर भावुक न हों—फोटो, स्क्रीनशॉट और लिखित रसीद सुरक्षित रखें। 4) दिनचर्या की ज़रूरत हो तो स्थानीय परिवहन ऐप और स्टेशन नोटिस बोर्ड पर नजर रखें।
इस टैग पेज पर आपको रद्द ट्रेनों की ताज़ा खबरें, कारण और प्रभावित रूट्स मिलेंगे। पटरियों पर क्या हुआ — मौसम, टेक्निकल फॉल्ट या प्रशासनिक कारण — हम सीधे और तेज़ अपडेट देते हैं ताकि आप बेहतर फैसला ले सकें।
दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर डिविजन में 30 जुलाई, 2024 को हुई मुंबई-हावड़ा मेल ट्रेन दुर्घटना में कम से कम दो लोग मारे गए और 20 अन्य घायल हो गए। इस हादसे के कारण कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं या उनके रूट में बदलाव किया गया है। राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।