कभी किसी खिलाड़ी के अचानक ग़ैरमौजूद रहने से आप सोचते हैं — क्या वो रिटायर हो रहा है? क्रिकेट में संन्यास का फैसला बाहर से जल्दी साफ नहीं दिखता। पर कुछ साफ संकेत होते हैं जो फैंस और मीडिया को अंदाजा दे देते हैं। यह गाइड उन संकेतों, वजहों और रिटायरमेंट के बाद के विकल्पों को सीधे, सरल भाषा में बताएगा।
पहला संकेत है खेल में जगह की कमी: अगर खिलाड़ी लगातार टीमें बदलता है या सिर्फ लीग क्रिकेट में खेलता है, तो अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म होने की उम्मीद रहती है। दूसरा संकेत है चोट और फिटनेस — लगातार चोटें उम्र बढ़ने का असर दिखाती हैं। तीसरा संकेत बोर्ड या टीम से दूरी: केंद्रीय कॉन्ट्रैक्ट से बाहर होना या चयन न होना बड़ी चेतावनी है। उदाहरण के लिए, BCCI की 2024-25 लिस्ट में कुछ खिलाड़ियों को हटाया गया — ऐसे कदम करियर के मोड़ बनते हैं।
इमोशनल संकेत भी होते हैं: खिलाड़ी मीडिया से कम बात करे, सोशल पोस्ट कम करे या भविष्य की योजनाओं की बातें शुरू कर दे। कभी-कभी खिलाड़ी खुद इंतज़ार करते हैं ताकि वे सम्मान से विदा ले सकें — टेस्ट करियर खत्म करने और बाद में वनडे/टी20 छोड़ना आम तरीका है।
कारण साफ होते हैं पर असल में मिलकर आते हैं: फॉर्म का गिरना, लगातार चोटें, नया खिलाड़ी दबाव, परिवार और मानसिक थकान। कई बार तकनीक नहीं बैठती और खिलाड़ी खुद महसूस करते हैं कि अब टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए जगह बनानी चाहिए। कुछ खिलाड़ी पैसे या सुरक्षा के लिए सन्यास दे देते हैं और फ्रेंचाइजी या कोचिंग में लगे रहते हैं।
किसी खिलाड़ी का रिटायरमेंट अचानक नहीं होता — अक्सर वह निर्णय महीनों की सोच का नतीजा होता है। उदाहरण: कुछ अनुभवी खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट या मास्टर्स लीग खेलते रहे हैं — Jonty Rhodes जैसे खिलाड़ी 55 की उम्र में भी फील्डिंग कर रहे हैं, जिससे पता चलता है कि पूरा संन्यास अलग-अलग रूप में आता है।
फैंस के लिए यह समझना ज़रूरी है कि रिटायरमेंट आख़िरी अध्याय नहीं, बदलते करियर का हिस्सा है। कई खिलाड़ी कोच बनते हैं, कमेंटेटर बनते हैं, या प्रशासन में जाते हैं। कुछ नए देशों के लिए खेलकर करियर का नया रंग भी लेते हैं — जैसे विदेशी टीमों में नेतृत्व या कैलिब्रेशन।
अगर आप खबरों पर नजर रखते हैं तो इन बातों से अंदाजा लगा सकते हैं: लगातार ड्रॉप्स, मीडिया रिटायरमेंट क्लू, बोर्ड के कॉन्ट्रैक्ट अपडेट और खिलाड़ी की सार्वजनिक बातें। और हाँ — कभी-कभी खिलाड़ी फैंस के पैक अप की तरह अचानक भी लौट आते हैं; क्रिकेट में कुछ भी निश्चित नहीं।
अंत में, जब भी कोई बड़े खिलाड़ी संन्यास ले, उसे सिर्फ रवाना मत समझिए — यह एक नया रास्ता भी खोलता है। खबरों में आए अपडेट, बोर्ड के निर्णय और खिलाड़ी के खुद के संकेत पढ़ते रहिए; इससे आपको सटीक अनुमान बनेगा कि आगे क्या होगा।
इंग्लैंड के हरफनमौला खिलाड़ी मोईन अली ने 37 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास की घोषणा की। डेली मेल में प्रकाशित एक साक्षात्कार में इस फैसले का खुलासा हुआ। मोईन अली ने टेस्ट, वन-डे और टी20 क्रिकेट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका सन्यास इंग्लैंड क्रिकेट के लिए एक युग का अंत है।